हमारा पहला मिलन दिवस | वो पहली मुलाकात जो कभी नहीं भूलती एक प्यारी कविता / pehla-milan-divas-hindi-poem
कुछ तारीखें कैलेंडर में नहीं, दिल में लिखी जाती हैं…
ना वो जन्मदिन होती हैं, ना कोई सालगिरह—
वो होती हैं उस पहली मुलाकात की तारीख,
जब दो अजनबी धीरे-धीरे एक-दूसरे की दुनिया बन जाते हैं।
वो दिन… जब पहली बार किसी का इंतज़ार बेचैन करता है,
वो पल… जब भीड़ में भी सिर्फ एक चेहरा नजर आता है,
और वो एहसास… जब दिल बिना पूछे किसी को अपना मान लेता है।
आज की ये कविता उसी अनमोल दिन के नाम है—
जिसे दुनिया भले न जानती हो,
पर दो दिल हर साल चुपचाप
“मिलन दिवस” बनाकर मनाते हैं…
✨ हमारा पहला मिलन दिवस ✨
✍️ किशोर
लोग मनाते हैं जन्म दिवस, मरण दिवस,
शादी की सालगिरह और न जाने कितने ही दिवस,
पर आओ हम भी एक दिन चुन लें—
जो सिर्फ हमारा हो, हमारे प्रेम का विशेष पर्व।
आओ, उस दिन को सजा लें यादों के फूलों से,
जिस दिन पहली बार हमारी राहें मिली थीं,
जिस क्षण अनजाने ही दिलों ने
एक-दूसरे को अपना मान लिया था।
सड़क किनारे खड़ी तुम,
बेकरारी से मेरी राह तकती हुई,
और मैं भी उतना ही अधीर,
पर किस्मत जैसे बार-बार ट्रैफिक में उलझा देती थी मुझे।
वो पहला मिलन, वो पहला दीदार—
दिलों का यूं धड़क-धड़क कर बेकाबू होना,
आज भी स्मृतियों के आईने में
हर पल उतना ही जीवंत और मधुर है।
फुटपाथ की पगडंडियों पर साथ-साथ चलना,
बातों में खोकर समय को भूल जाना,
चटपटे चाट और गोलगप्पों में
मासूम खुशी का स्वाद पाना,
और एक ही प्याली चाय में
दोनों का प्यार घुलकर महक उठना।
उसी फुटपाथ से तुम्हारे लिए
कान की बाली, नाक की नथिया,
और पायल खरीदकर,
अपने पहले उपहार में सहेज लेना तुम्हें।
तुम्हारा दिया हुआ वो रुमाल—
जिस पर तुम्हारे होंठों के
लिपस्टिक के निशान आज भी महकते हैं,
मेरे दिल के सबसे सुरक्षित कोने में
अब भी वैसे ही संजोए हुए हैं।
बस एक ही दुआ है रब से—
हम जहाँ भी रहें, जैसे भी रहें,
तेरी यादों की रोशनी
हमारे दिलों में यूं ही जलती रहे,
और तुझे हर पल खुशियों से नवाज़े।
आगे मिलन भले ही कितनी बार हो,
हर मुलाकात अपने आप में खास होगी,
पर सच तो यही है—
पहले मिलन की बात ही निराली होती है।
इसलिए आओ, उस अनमोल तारीख को
हम अपने प्रेम का पर्व बना लें—
"हमारा पहला मिलन दिवस"
हर साल उसी स्नेह और मुस्कान के साथ मनाते रहें।
( 23 मार्च 2019 )
💔✨ प्यारा संदेश
ज़िंदगी हमें ना जाने कितनी बार मिलवाती है,
पर हर मुलाकात दिल में नहीं बसती…
कुछ ही पल ऐसे होते हैं,
जो वक्त गुजर जाने के बाद भी धड़कनों में जिंदा रहते हैं।
पहला मिलन सिर्फ एक मुलाकात नहीं होता—
वो एक एहसास है,
जो पूरी जिंदगी याद बनकर साथ चलता है।
इसलिए अगर आपके जीवन में भी कोई ऐसा दिन है,
जो आपके दिल के सबसे करीब है—
तो उसे यूं ही बीतने मत दीजिए…
उसे एक नाम दीजिए, एक एहसास दीजिए—
और हर साल उसे अपने प्यार के साथ जी लीजिए।
क्योंकि…
पहली मुलाकात कभी पुरानी नहीं होती,
वो हर बार यादों में नई-सी खिल जाती है… ❤️
🫸 पहली मिलन की एक और कविता 🫷
जिसे आप जिंदगी में सबसे ज्यादा पसंद करते हैं। उसके साथ की हर पहली चीज यादगार बन जाती है। इकरार का दिन भी एक बहुत ही प्यारी कविता है। आप इसे एक बार जरूर पढ़िए।
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