कभी मत पूछना तुम कौन हो | दिल छू लेने वाली रोमांटिक ग़ज़ल / kabhi-mat-poochna-tum-kaun-ho-hindi-ghazal
कभी-कभी जिंदगी में कोई ऐसा शख्स आ जाता है,
जो नाम से नहीं, एहसास से जाना जाता है…
जिसकी मौजूदगी हर धड़कन में बस जाती है,
और जिसकी कमी हर सांस को अधूरा कर देती है।
ये ग़ज़ल उसी अनकहे रिश्ते की कहानी है—
जहाँ शब्द कम पड़ जाते हैं,
लेकिन एहसास हर बार चीख-चीख कर कहता है…
“तुम हो तो सब कुछ है, तुम नहीं तो कुछ भी नहीं…”
✨ कभी मत पूछना तुम कौन हो ✨
✍️ किशोर
मेरे दिल की हर धड़कन की साज़ हो तुम,
मेरी रग-रग में बहती हर एहसास हो तुम,
मैं जो सांस लेता हूँ, वो पाक हवा हो तुम—
कभी फिर ये मत पूछना, मेरे कौन हो तुम।
मेरी ज़िंदगी का अटूट, अनकहा राज़ हो तुम,
दिल की गहराइयों में बसी एक आवाज़ हो तुम,
मेरी हर ग़ज़ल में ढलती मोहब्बत का अंदाज़ हो तुम,
कभी फिर ये मत पूछना, मेरे कौन हो तुम।
पास होकर भी दूर, फिर भी सबसे क़रीब हो तुम,
भीड़ में भी मेरी तन्हाई का नसीब हो तुम,
भूलना चाहूँ भी तो ना मिटे, वो अजीब याद हो तुम,
कभी फिर ये मत पूछना, मेरे कौन हो तुम।
मेरी कलम से निकला हर एक अल्फ़ाज़ हो तुम,
मेरी हिम्मत, मेरी चाहत, मेरा हर अंदाज़ हो तुम,
मेरे ख़्वाबों की रानी, मेरी हर एक परवाज़ हो तुम,
कभी फिर ये मत पूछना, मेरे कौन हो तुम।
💔 प्यारा संदेश
अगर किसी की मौजूदगी तुम्हारी हर खुशी, हर ख्वाब और हर धड़कन में बस चुकी है,
तो उसे बार-बार समझाने की जरूरत नहीं होती…
क्योंकि सच्चे रिश्ते अल्फ़ाज़ों के मोहताज नहीं होते,
वो तो खामोशियों में भी खुद को बयां कर देते हैं।
तो अगर कोई तुमसे पूछे—
“मैं तुम्हारा कौन हूँ ?”
तो बस मुस्कुरा देना…
और दिल से कहना—
“कभी मत पूछना… तुम मेरे क्या हो।”
🫸 एक और रोमांटिक गजल 🫷
" तुम्हें नज़र न लगे " भी एक बहुत ही प्यारी और दिलकश गज़ल है। आप इस गज़ल को एक बार जरूर पढ़िए।
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