मैं और मेरी कलम | दिल को छू लेने वाली हिंदी कविता | Writer & Pen Emotional Poem | Kishorvani








कभी सोचा है…
हमारी सबसे सच्ची दोस्ती किससे होती है?

वो जो हमारे हर राज़ जानता है,
हमारी हर ख़ामोशी को पढ़ लेता है,
और बिना किसी शिकायत के
हमारे टूटे हुए लफ़्ज़ों को भी
एक खूबसूरत कहानी में बदल देता है…

वो कोई इंसान नहीं—
वो है हमारी कलम।

आज की यह कविता,
एक लेखक और उसकी कलम के बीच
उसी अनकहे रिश्ते की कहानी है—
जहाँ कभी तकरार है,
तो कभी अपार प्यार…









                     मैं और मेरी कलम

                                   ✍️ कुमार सरोज 



मैं और मेरी कलम,
अकसर यूँ ही बातें करते रहते हैं—
कभी शब्दों को लेकर उलझ पड़ते,
तो कभी यूँ ही मुस्कुरा उठते,
और कभी खामोशी ओढ़कर
एक-दूसरे से रूठ जाते हैं।

कभी मैं जो शब्द कागज़ पर उतारता,
वह उन्हें अधूरा कह मिटा देती,
मेरे भीतर एक तूफ़ान जगा देती,
मन करता उसे दूर कहीं फेंक आऊँ—
पर न जाने क्यों,
हाथ फिर ठिठक जाते हैं।

मेरे हर मौसम—सुख और दुख का,
वही तो एक सच्चा हमराज़ है,
जब मन उदासी में डूब जाता है,
वह चुपके से शब्दों के धागे बुनकर
कोई नया गीत रच ही देती है।

प्यार की कोमल सरगम हो
या विरह की गहरी पीड़ा,
हर एहसास को आकार वही देती है,
मैं हँसू या रोऊँ—उसे क्या फ़र्क,
उसका धर्म तो बस लिखना है,
और वह निरंतर लिखती जाती है।

थक जाता है कभी-कभी मेरा मन,
पर वह कभी थकना जानती ही नहीं,
उसी के सहारे तो मेरी पहचान है,
हर अंधेरे और उजाले में
वह मेरे साथ खड़ी रहती है—
न होती अगर वह,
तो शायद मैं भीड़ में कहीं
एक गुमनाम सा चेहरा होता।

मैं और मेरी कलम,
अकसर यूँ ही बातें करते रहते हैं—
कभी शब्दों में उलझते,
तो कभी मुस्कान में ढल जाते,
और कभी चुपचाप
एक-दूसरे से रूठ जाते हैं।




          ✨  अंतिम संदेश 



कुछ रिश्ते ऐसे होते हैं,
जो कभी दिखते नहीं—पर सबसे गहरे होते हैं।

मेरी कलम भी मेरे लिए
सिर्फ एक ज़रिया नहीं,
बल्कि मेरी पहचान है, मेरी आवाज़ है।

जब दुनिया समझ नहीं पाती,
तब यही कलम मेरे जज़्बातों को शब्द देती है,
और मुझे गुमनाम होने से बचा लेती है।

अगर आपकी ज़िंदगी में भी
कोई ऐसी कलम है—
तो उसे कभी खुद से दूर मत होने देना…

क्योंकि वही आपको आपसे मिलवाती है।







 नेता बनना चाहता हूं… मगर क्या करूं ?  यह किशोरवाणी ब्लॉग की बहुत ही अच्छी और चर्चित कविता है। जिसमें आज के एक महत्वकांक्षी युवक की पीड़ा का दर्द को दिखाया गया है। आप भी एक बार जरूर पढ़िए।

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