वजह तुम थी | दिल छू लेने वाली दर्दभरी ग़ज़ल | vajah-tum-thi-sad- love-ghazal |
💔 कभी-कभी ज़िंदगी में कोई ऐसा शख़्स आ जाता है,
जो बिना कुछ कहे हमारी हर ख़ुशी की वजह बन जाता है।
वो हमें जीना सिखाता है, हँसना सिखाता है,
और फिर…
एक दिन चुपचाप हमारी तन्हाइयों में छोड़ जाता है।
ये ग़ज़ल उसी एहसास की कहानी है—
जहाँ मोहब्बत भी उसी से थी…
और दर्द की हर वजह भी वही थी …
💎 वजह तुम थी
✍️ किशोर
सच कहूँ, पहले कभी मैं इतना ख़ुश न था,
आज मेरी हर मुस्कान की वजह तुम थी।
मैं तो जीना ही कहीं भूल-सा गया था,
अब जो जीने की तमन्ना है—वजह तुम थी।
लोग कहते थे, मैं पहले यूँ महका न था,
क्या बताऊँ, उस बदलाव की वजह तुम थी।
तेरे आने से बहारों ने घर कर लिया,
इस वीरान से दिल की हर सुबह तुम थी।
ख़्वाब में भी जिसे सोचने की हिम्मत न हुई,
आज मेरी हर हसरत की वजह तुम थी।
अब जो तन्हाई में अश्कों का सिलसिला है,
उस हर एक टूटे लम्हे की वजह तुम थी।
लोग पूछें जो मेरी उदासी का सबब,
कैसे कह दूँ कि मेरी हर सज़ा तुम थी।
तेरे संग बीते हुए पल भुलाए न गए,
अब मेरी इस तन्हाई की वजह तुम थी।
मैं आज भी रब से तेरी ख़ुशी माँगता हूँ,
मेरी हर दुआ, मेरी हर अदा—वजह तुम थी।
💔 ✨ दिल छू लेने वाला एक आरजू
मोहब्बत कभी पूरी नहीं होती…
वो बस दिल में अधूरी कहानियों की तरह बस जाती है।
कुछ लोग ज़िंदगी में आते हैं सिर्फ़ इसलिए,
ताकि हमें सिखा सकें—
कि किसी एक इंसान में ही पूरी दुनिया बस सकती है…
और जब वो चले जाते हैं,
तो वही इंसान हमारी हर खुशी…
और हर दर्द की वजह बन जाता है।
अगर आपने भी कभी किसी को इस कदर चाहा है…
तो ये ग़ज़ल सिर्फ़ मेरी नहीं—
आपकी भी कहानी है… 💔
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जवाब देंहटाएंजी बहुत बहुत धन्यवाद
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