नारी – शक्ति, ममता और साहस की प्रतीक | महिला दिवस पर प्रेरक हिंदी कविता। nari-shakti-mamta-aur-sahas-ki-pratik-kavita


                    हर साल International Women's Day के अवसर पर हम नारी की शक्ति, त्याग, ममता और संघर्ष को याद करते हैं। नारी केवल एक रिश्ता नहीं, बल्कि समाज की आधारशिला है। वह कभी माँ बनकर स्नेह लुटाती है, कभी बहन बनकर रक्षा का संकल्प देती है, तो कभी योद्धा बनकर अन्याय के खिलाफ खड़ी हो जाती है। इतिहास और वर्तमान—दोनों में नारी ने हर क्षेत्र में अपनी क्षमता का लोहा मनवाया है।

              इसी भावना को समर्पित यह कविता प्रस्तुत है।





   नारी – शक्ति, ममता और साहस की प्रतीक

                                               ✍️ किशोर 



तुम कोमल हो,
पर कमजोर नहीं।
तुम अबला कहलाती हो,
पर कभी लाचार नहीं।

चाहे रणभूमि की गर्जना हो,
या राजनीति का दरबार,
चाहे खेल का मैदान हो,
या व्यापार का संसार—
हर जगह तुमने
अपना परचम लहराया है,
सच कहूँ तो नारी,
तुमने ही इतिहास बनाया है।





कभी सीता बन
वन की कठिन राहों पर चलती हो,
कभी सावित्री बन
सत्य और प्रेम की मिसाल बनती हो।

कभी राधा बनकर
प्रेम को अमर कर जाती हो,
तो कभी रानी लक्ष्मीबाई बनकर,
दुश्मनों को धूल चटा जाती हो।

कभी इंदिरा गांधी बन
राजनीति का लोहा मनवाती हो,
कभी पी टी ऊषा बन
दौड़ के मैदानों में धूल उड़ाती हो।

और कभी लता मंगेशकर बनकर
सुरों की मधुर गंगा बहाती हो।

तुम कभी माँ बनकर
ममता की लोरी सुनाती हो,
कभी बहन बनकर
भाई के हिस्से की गोली भी खाती हो।

कभी सीमा पर खड़ी सिपाही बन
दुश्मनों के छक्के छुड़ाती हो,
कभी माँ मरियम बनकर
स्नेह के फूल खिलाती हो।

और कभी व्यवसायी महिला बन
दुनिया में अपना डंका बजाती हो।

पर दुख की बात यह है—
इतनी महान होने के बावजूद भी
आज कहीं तुम्हें सताया जाता है,
कहीं तुम्हें दबाया जाता है,
कहीं तुम्हारी अस्मिता को लूटा जाता है,
और कभी-कभी तुम्हें
ज़िंदा जला दिया जाता है।

अब समय आ गया है—
उठो, जागो, कमर कसो,
अपने अधिकारों के लिए
जालिमों से डटकर लड़ो।

याद रखो—
तुम कोमल हो,
पर कमजोर नहीं।
तुम अबला कहलाती हो,
पर कभी हारी नहीं।

तुम शक्ति हो,
तुम सम्मान हो,
तुम सृष्टि का आधार हो—
सचमुच धन्य हो तुम,
हे नारी!
     

                   नारी संदेश 


                       नारी केवल सम्मान की पात्र ही नहीं, बल्कि समान अधिकार और सुरक्षा की भी हकदार है। समाज तब ही आगे बढ़ सकता है जब नारी सुरक्षित, सम्मानित और सशक्त होगी।
आइए इस International Women's Day पर हम यह संकल्प लें कि हर महिला का सम्मान करेंगे और उसके अधिकारों की रक्षा के लिए हमेशा खड़े रहेंगे।







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